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mahabharat 6.25.39: जब एक कुल नष्ट हो जाता है, तो सनातन कुल परंपरा नष्ट हो जाती है और इस तरह कुल के बाकी लोग भी पाप कर्मों में लिप्त हो जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.25: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 1: युद्धस्थल परीक्षण एवं अर्जुन विषाद योग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.25.39 
कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः ।
धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नमधर्मोऽभिभवत्युत ॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
जब एक कुल नष्ट हो जाता है, तो सनातन कुल परंपरा नष्ट हो जाती है और इस तरह कुल के बाकी लोग भी पाप कर्मों में लिप्त हो जाते हैं।
 
When a clan gets destroyed, the eternal clan tradition gets destroyed and in this way the rest of the clan also gets involved in sinful activities.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)