श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 25: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 1: युद्धस्थल परीक्षण एवं अर्जुन विषाद योग  »  श्लोक 21-22
 
 
श्लोक  6.25.21-22 
अर्जुन उवाच
सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ।
यावदेतान्निरीक्षेऽहं योद्‍धुकामानवस्थितान् ॥ २१ ॥
कैर्मया सह योद्धव्यमस्मिन्‍रणसमुद्यमे ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने कहा, "हे अच्युत! कृपया मेरे रथ को दोनों सेनाओं के बीच ले जाइए, जिससे मैं उन लोगों को देख सकूँ जो यहाँ उपस्थित हैं और युद्ध की इच्छा रखते हैं तथा उन लोगों को भी देख सकूँ जिनके साथ मुझे इस महान अस्त्र-परीक्षा में युद्ध करना है।"
 
Arjuna said, "O Achyuta! Kindly take my chariot between the two armies so that I can see those who are present here and desire war and those with whom I have to fight in this great test of weapons."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)