Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.25.16-18: हे राजा! कुंती पुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनंतविजय नामक शंख बजाया और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष तथा मणिपुष्पक शंख बजाया। महान धनुर्धर काशीराज, परम योद्धा शिखंडी, धृष्टद्युम्न, विराट, अजेय सात्यकि, द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और सुभद्रा के महाबाहु पुत्र आदि सभी ने शंख बजाये। | mahabharat अध्याय 6.25: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1: युद्धस्थल परीक्षण एवं अर्जुन विषाद योग । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः ।
नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ ॥ १६ ॥
काश्यश्च परमेष्वास: शिखण्डी च महारथ: ।
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजित: ॥ १७ ॥
द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वश: पृथिवीपते ।
सौभद्रश्च महाबाहु: शङ्खान्दध्मु: पृथक्पृथक् ॥ १८ ॥
अनुवाद
हे राजा! कुंती पुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनंतविजय नामक शंख बजाया और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष तथा मणिपुष्पक शंख बजाया। महान धनुर्धर काशीराज, परम योद्धा शिखंडी, धृष्टद्युम्न, विराट, अजेय सात्यकि, द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और सुभद्रा के महाबाहु पुत्र आदि सभी ने शंख बजाये।
O king! Kunti's son King Yudhishthir blew his conch called Anantvijaya and Nakul and Sahadeva blew Sughosh and Manipushpak conch. The great archer Kashiraj, the supreme warrior Shikhandi, Dhrishtadyumna, Virata, the invincible Satyaki, Drupada, Draupadi's son and the mighty-armed son of Subhadra etc. all blew their conch shells.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥