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mahabharat 6.23.9: उमा, शाकंभरी, श्वेता, कृष्णा, कटभनाशिनी, हिरण्याक्षी, विरूपाक्षी और सुधूम्राक्षी आदि नामों वाली देवियों को मैं बार-बार नमस्कार करता हूँ। 9॥   |   mahabharat अध्याय 6.23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.23.9 
उमे शाकम्भरि श्वेते कृष्णे कैटभनाशिनि।
हिरण्याक्षि विरूपाक्षि सुधूम्राक्षि नमोऽस्तु ते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उमा, शाकंभरी, श्वेता, कृष्णा, कटभनाशिनी, हिरण्याक्षी, विरूपाक्षी और सुधूम्राक्षी आदि नामों वाली देवियों को मैं बार-बार नमस्कार करता हूँ। 9॥
 
Goddesses bearing names like Uma, Shakambhari, Shweta, Krishna, Katbhanashini, Hiranyakshi, Virupakshi and Sudhumrakshi etc. I salute you many times. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)