श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.23.7 
अट्टशूलप्रहरणे खड्गखेटकधारिणि।
गोपेन्द्रस्यानुजे ज्येष्ठे नन्दगोपकुलोद्भवे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तुम त्रिशूल, तलवार और खेटक आदि अस्त्र-शस्त्र धारण करती हो। तुमने नन्दगोप के वंश में अवतार लिया था, अतः तुम गोपेश्वर श्रीकृष्ण की छोटी बहन हो; परंतु गुण और प्रभाव में श्रेष्ठ हो॥7॥
 
You wear weapons like trident, sword and khetak etc. You had incarnated in the lineage of Nandagop, hence you are the younger sister of Gopeshwar Shri Krishna; But it should be the best in quality and effect. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)