संजय कहते हैं - युद्धस्थल में परम बुद्धिमान भगवान वासुदेव से ऐसी आज्ञा पाकर कुन्तीकुमार अर्जुन रथ से उतरकर दुर्गादेवी की स्तुति करने लगे॥3॥
Sanjay says - On receiving such orders in the battlefield from the most intelligent Lord Vasudev, Kuntikumar Arjun got down from the chariot and started praising Durgadevi. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥