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mahabharat 6.23.24: वह कठिन से कठिन संकटों पर अवश्य विजय प्राप्त करता है। चोर भी उसका साथ छोड़ देते हैं। वह युद्धों में सदैव विजयी होता है और शुद्ध लक्ष्मी प्राप्त करता है॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 6.23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.23.24 
दुर्गं तरति चावश्यं तथा चौरैर्विमुच्यते।
संग्रामे विजयेन्नित्यं लक्ष्मीं प्राप्नोति केवलाम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वह कठिन से कठिन संकटों पर अवश्य विजय प्राप्त करता है। चोर भी उसका साथ छोड़ देते हैं। वह युद्धों में सदैव विजयी होता है और शुद्ध लक्ष्मी प्राप्त करता है॥ 24॥
 
He certainly overcomes difficult difficulties. Even thieves leave him. He is always victorious in battles and obtains pure Lakshmi.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)