त्वं ब्रह्मविद्या विद्यानां महानिद्रा च देहिनाम्।
स्कन्दमातर्भगवति दुर्गे कान्तारवासिनि॥ ११॥
अनुवाद
हे भगवती! आप समस्त विद्याओं में ब्रह्मविद्या हैं और देहधारियों की महानिद्रा हैं। हे भगवती! आप कार्तिकेय की माता हैं, आप दुर्गम स्थानों में निवास करने वाली दुर्गा हैं।॥11॥
You are the Brahmavidya (knowledge of Brahma) among all the knowledge and the great sleep of the embodied beings. Bhagvati! You are the mother of Kartikeya, you are Durga who resides in inaccessible places. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥