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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 23: अर्जुनके द्वारा दुर्गादेवीकी स्तुति, वरप्राप्ति और अर्जुनकृत दुर्गास्तवनके पाठकी महिमा
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श्लोक 1
श्लोक
6.23.1
संजय उवाच
धार्तराष्ट्रबलं दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्।
अर्जुनस्य हितार्थाय कृष्णो वचनमब्रवीत्॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - दुर्योधन की सेना को युद्ध के लिए तैयार देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के हित के लिए यह बात कही ॥1॥
Sanjaya says - Seeing Duryodhan's army ready for the war, Lord Krishna said this for Arjun's benefit. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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