श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 22: युधिष्ठिरकी रणयात्रा, अर्जुन और भीमसेनकी प्रशंसा तथा श्रीकृष्णका अर्जुनसे कौरवसेनाको मारनेके लिये कहना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.22.4 
अनीकं दक्षिणं राजन् युयुधानेन पालितम्।
श्रीमता सात्वताग्रॺेण शक्रेणेव धनुष्मता॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस व्यूह के दक्षिण भाग की रक्षा इन्द्र के समान धनुर्धर भगवान सात्यकि कर रहे थे॥4॥
 
Rajan! The southern part of that array was being guarded by Lord Satyaki, an archer like Indra. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)