श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 22: युधिष्ठिरकी रणयात्रा, अर्जुन और भीमसेनकी प्रशंसा तथा श्रीकृष्णका अर्जुनसे कौरवसेनाको मारनेके लिये कहना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.22.1 
संजय उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा स्वां सेनां समनोदयत्।
प्रतिव्यूहन्ननीकानि भीष्मस्य भरतर्षभ॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् राजा युधिष्ठिर ने भीष्मजी की सेना का सामना करने के लिए अपनी सेना संगठित की और उन्हें युद्ध के लिए प्रेरित किया॥1॥
 
Sanjay says- Bharatshrestha! Thereafter, King Yudhishthir organized his army to face Bhishmaji's army and inspired him for war. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)