श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 21: कौरवसेनाको देखकर युधिष्ठिरका विषाद करना और ‘श्रीकृष्णकी कृपासे ही विजय होती है’ यह कहकर अर्जुनका उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.21.4 
अक्षोभ्योऽयमभेद्यश्च भीष्मेणामित्रकर्षिणा।
कल्पित: शास्त्रदृष्टेन विधिना भूरिवर्चसा॥ ४॥
 
 
अनुवाद
‘महाशत्रु शत्रुसूदन भीष्म ने शास्त्रीय विधि के अनुसार इस अविनाशी एवं अभेद्य व्यूह की रचना की है ॥4॥
 
‘The great enemy Shatrusudan Bhishma has created this indestructible and impenetrable array according to the classical method. 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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