श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 21: कौरवसेनाको देखकर युधिष्ठिरका विषाद करना और ‘श्रीकृष्णकी कृपासे ही विजय होती है’ यह कहकर अर्जुनका उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.21.1 
संजय उवाच
बृहतीं धार्तराष्ट्रस्य सेनां दृष्ट्वा समुद्यताम्।
विषादमगमद् राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! युद्ध के लिए तैयार दुर्योधन की विशाल सेना को देखकर कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर मन में दुःखी हो गए॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! Seeing the huge army of Duryodhana prepared for war, Kunti's son King Yudhishthira became sad in his mind. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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