Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.20.1: धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! सूर्योदय के समय किस पक्ष के योद्धा युद्ध की इच्छा से अधिक प्रसन्न दिखाई दे रहे थे? भीष्म के नेतृत्व में निकट आये मेरे सैनिक या भीमसेन के नेतृत्व में आये पांडव सैनिक! उस समय कौन अधिक प्रसन्न था? | mahabharat अध्याय 6.20: दोनों सेनाओंकी स्थिति तथा कौरवसेनाका अभियान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
सूर्योदये संजय के नु पूर्वं
युयुत्सवो हृष्यमाणा इवासन्।
मामका वा भीष्मनेत्रा: समीपे
पाण्डवा वा भीमनेत्रास्तदानीम्॥ १॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! सूर्योदय के समय किस पक्ष के योद्धा युद्ध की इच्छा से अधिक प्रसन्न दिखाई दे रहे थे? भीष्म के नेतृत्व में निकट आये मेरे सैनिक या भीमसेन के नेतृत्व में आये पांडव सैनिक! उस समय कौन अधिक प्रसन्न था?
Dhritarashtra asked- Sanjay! At the time of sunrise, the warriors of which side seemed to be more happy with the desire of war? My soldiers who came near under the leadership of Bhishma or the Pandava soldiers who came under the leadership of Bhimsena! Who was more happy at that time?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥