श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.2.28 
कोकिला: शतपत्राश्च चाषा भासा: शुकास्तथा।
सारसाश्च मयूराश्च वाचो मुञ्चन्ति दारुणा:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
कोयल, सुवर्ण पक्षी, नीलपूँछ वाला तीतर, तोता, सारस और मोर भयंकर स्वर में बोलते हैं॥ 28॥
 
‘The cuckoo, the golden bird, the blue-tailed pheasant, the parrot, the crane and the peacock speak in terrifying voices.॥ 28॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd