Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.2.22: मैंने दिन और रात का वह समय देखा है जिसमें सूर्य, चन्द्रमा और तारे जलते हुए प्रतीत होते थे। दिन और रात में कोई विशेष अंतर नहीं था। यह चिन्ह भय उत्पन्न करने वाला है॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 6.2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने दिन और रात का वह समय देखा है जिसमें सूर्य, चन्द्रमा और तारे जलते हुए प्रतीत होते थे। दिन और रात में कोई विशेष अंतर नहीं था। यह चिन्ह भय उत्पन्न करने वाला है॥ 22॥
‘I have seen the day and night time in which the sun, moon and stars seemed to be burning. There was no special difference between day and night. This sign will bring fear.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥