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mahabharat 6.19.9: पुरुषोत्तम भीमसेन युद्ध की विविध युक्तियों में पारंगत हैं। वे हमारी सेना का नेतृत्व करेंगे और शत्रु सेना के पराक्रम का नाश करते हुए युद्ध करेंगे।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.19.9 
तेजांसि रिपुसैन्यानां मृद्नन् पुरुषसत्तम:।
अग्रेऽग्रणीर्योत्स्यति नो युद्धोपायविचक्षण:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
पुरुषोत्तम भीमसेन युद्ध की विविध युक्तियों में पारंगत हैं। वे हमारी सेना का नेतृत्व करेंगे और शत्रु सेना के पराक्रम का नाश करते हुए युद्ध करेंगे।॥9॥
 
The best of men, Bhimasena, is well versed in the various tactics of war. He will lead our army and fight, destroying the might of the enemy army.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)