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mahabharat 6.19.8: जो आर्य भीमसेन रणभूमि में प्रचण्ड वायु के समान उठकर शत्रुओं के लिए असह्य हो जाते हैं, वे श्रेष्ठ योद्धा हमारे सामने युद्ध करेंगे।   |   mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.19.8 
य: स वात इवोद्भूत: समरे दु:सह: परै:।
स न: पुरो योत्स्यते वै भीम: प्रहरतां वर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
जो आर्य भीमसेन रणभूमि में प्रचण्ड वायु के समान उठकर शत्रुओं के लिए असह्य हो जाते हैं, वे श्रेष्ठ योद्धा हमारे सामने युद्ध करेंगे।
 
The Arya Bhimsena, who rises like a strong wind in the battlefield and becomes unbearable for the enemies, that best of warriors will fight before us.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)