Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.19.44-46: इस प्रकार युद्ध में प्रसन्न होकर सिंहहृदय पाण्डव आपके पुत्र की सेना के सामने पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए और हमारे योद्धाओं का रक्त और मज्जा पी गए। गदाधारी भीमसेन को आगे खड़ा देखकर हमारी सारी सेना भयभीत हो गई ॥ 44-46॥ | mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार युद्ध में प्रसन्न होकर सिंहहृदय पाण्डव आपके पुत्र की सेना के सामने पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए और हमारे योद्धाओं का रक्त और मज्जा पी गए। गदाधारी भीमसेन को आगे खड़ा देखकर हमारी सारी सेना भयभीत हो गई ॥ 44-46॥
Thus, the Pandavas, the lion-hearted men, delighted in the battle, stood in formation before your son's army and drained the blood and marrow of our warriors. Our entire army was frightened to see the mace-wielding Bhimasena standing ahead. ॥ 44-46॥
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि श्रीमद्भगवद्गीतापर्वणि पाण्डवसैन्यव्यूहे एकोनविंशोऽध्याय:॥ १९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत श्रीमद्भगवद्गीतापर्वमें पाण्डवसेनाका व्यूहनिर्माणविषयक उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥