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mahabharat 6.19.40: जब दोनों ओर की सेनाएँ युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो गईं, तब सूर्य का तेज क्षीण हो गया और पृथ्वी बड़े जोर से काँपने लगी ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.19.40 
अथ संनह्यमानेषु सैन्येषु भरतर्षभ।
निष्प्रभोऽभ्युद्ययौ सूर्य: सघोषं भूश्चचाल च॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जब दोनों ओर की सेनाएँ युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो गईं, तब सूर्य का तेज क्षीण हो गया और पृथ्वी बड़े जोर से काँपने लगी ॥40॥
 
When the armies of both sides were fully prepared for the war, the Sun's radiance faded and the earth began to tremble with a loud noise. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)