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mahabharat 6.19.36: पाण्डवों ने आपकी सेना का सामना करने के लिए जो व्यूह रचना की थी, वह उनके द्वारा रक्षित होने के कारण मनुष्यलोक में अजेय थी ॥36॥   |   mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.19.36 
यं प्रतिव्यूह्य तिष्ठन्ति पाण्डवास्तव वाहिनीम्।
अजेयो मानुषे लोके पाण्डवैरभिरक्षित:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवों ने आपकी सेना का सामना करने के लिए जो व्यूह रचना की थी, वह उनके द्वारा रक्षित होने के कारण मनुष्यलोक में अजेय थी ॥36॥
 
The formation in which the Pandavas had formed to face your army was invincible in the human world because it was protected by them. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)