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mahabharat 6.19.33: अजेय वीर और महाबुद्धिमान भीमसेन अपने साथ एक विशाल सेना लेकर चल रहे थे, उनके हाथ में परिघ के समान मोटी गदा थी।   |   mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.19.33 
भीमसेनो गदां भीमां प्रकर्षन् परिघोपमाम्।
प्रचकर्ष महासैन्यं दुराधर्षो महामना:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
अजेय वीर और महाबुद्धिमान भीमसेन अपने साथ एक विशाल सेना लेकर चल रहे थे, उनके हाथ में परिघ के समान मोटी गदा थी।
 
The invincible hero and great-minded Bhimasena was pulling along with him a huge army, carrying in his hands a mace as thick as a Parigha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)