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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.19.27 
तेषामादित्यचन्द्राभा: कनकोत्तमभूषणा:।
नानाचित्रधरा राजन् रथेष्वासन् महाध्वजा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उनके रथों पर नाना प्रकार की लताओं और पुष्पों से सुसज्जित विशाल स्वर्णजटित ध्वजाएँ सूर्य और चन्द्रमा के समान चमक रही थीं।
 
O King! On their chariots, huge gold-plated flags decorated with various kinds of creepers and flowers were shining like the sun and the moon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)