Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.19.13-14h: भीमसेन जब अपनी दृढ़ लोहे की गदा हाथ में लेकर बड़े वेग से चलते हैं, तो वे समुद्र को भी सुखा सकते हैं। राजकुमार केकय, धृष्टकेतु और चेकितान भी समान रूप से पराक्रमी हैं॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.19: व्यूहनिर्माणके विषयमें युधिष्ठिर और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा वज्रव्यूहकी रचना, भीमसेनकी अध्यक्षतामें सेनाका आगे बढ़ना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन जब अपनी दृढ़ लोहे की गदा हाथ में लेकर बड़े वेग से चलते हैं, तो वे समुद्र को भी सुखा सकते हैं। राजकुमार केकय, धृष्टकेतु और चेकितान भी समान रूप से पराक्रमी हैं॥13 1/2॥
‘When Bhimasena moves with great speed holding his strong iron mace in his hands, he can even dry up the ocean. Prince Kekaya, Dhrishtaketu and Chekitana are also equally valiant.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥