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mahabharat 6.17.39: उस सैन्य संरचना का गठन द्रोणाचार्य, राजा शांतनु नंदन भीष्म, आचार्य के पुत्र अश्वत्थामा, बाह्लीक और कृपाचार्य ने किया था।   |   mahabharat अध्याय 6.17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.17.39 
द्रोणेन विहितो राजन् राज्ञा शान्तनवेन च।
तथैवाचार्यपुत्रेण बाह्लीकेन कृपेण च॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उस सैन्य संरचना का गठन द्रोणाचार्य, राजा शांतनु नंदन भीष्म, आचार्य के पुत्र अश्वत्थामा, बाह्लीक और कृपाचार्य ने किया था।
 
That military formation was formed by Dronacharya, King Shantanu Nandan Bhishma, Acharya's son Ashwatthama, Bahlika and Kripacharya.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि श्रीमद्भगवद्‍गीतापर्वणि सैन्यवर्णने सप्तदशोऽध्याय:॥ १७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत श्रीमद्भगवद्‍गीतापर्वमें सैन्यवर्णनविषयक सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)