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mahabharat 6.17.3: सूर्योदय के समय सूर्य दो भागों में बँटा हुआ प्रतीत हो रहा था। साथ ही, वह अपनी प्रचंड ज्वालाओं के साथ और भी अधिक प्रज्वलित होता हुआ ऊपर उठ रहा था।   |   mahabharat अध्याय 6.17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.17.3 
द्विधाभूत इवादित्य उदये प्रत्यदृश्यत।
ज्वलन्त्या शिखया भूयो भानुमानुदितो रवि:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
सूर्योदय के समय सूर्य दो भागों में बँटा हुआ प्रतीत हो रहा था। साथ ही, वह अपनी प्रचंड ज्वालाओं के साथ और भी अधिक प्रज्वलित होता हुआ ऊपर उठ रहा था।
 
At sunrise, the Sun appeared to be divided into two parts. At the same time, it rose more and more blazing with its intense flames.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)