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mahabharat 6.17.24-25h: द्रोणाचार्य के ध्वज पर जलपात्र और धनुष से सुसज्जित स्वर्ण वेदी के चिह्न थे।   |   mahabharat अध्याय 6.17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  6.17.24-25h 
जाम्बूनदमयी वेदी कमण्डलुविभूषिता॥ २४॥
केतुराचार्यमुख्यस्य द्रोणस्य धनुषा सह।
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य के ध्वज पर जलपात्र और धनुष से सुसज्जित स्वर्ण वेदी के चिह्न थे।
 
On the flag of Drona Acharya there were symbols of a golden altar decorated with a water pot and a bow. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)