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mahabharat 6.17.23-24h: उनके जम्बूण और सुवर्ण से बने हुए बहुत ऊँचे ध्वज चमक रहे थे, जो उनके उत्तम रथों की शोभा बढ़ा रहे थे। 23 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 17: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.17.23-24h 
तेषामपि महोत्सेधा: शोभयन्तो रथोत्तमान्॥ २३॥
भ्राजमाना व्यरोचन्त जाम्बूनदमया ध्वजा:।
 
 
अनुवाद
उनके जम्बूण और सुवर्ण से बने हुए बहुत ऊँचे ध्वज चमक रहे थे, जो उनके उत्तम रथों की शोभा बढ़ा रहे थे। 23 1/2॥
 
Their very high flags made of jambuna and gold were shining brightly, adding to the beauty of their excellent chariots. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)