Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.16.15-17: सुबलपुत्र शकुनि, शल्य, सिन्धुनरेश जयद्रथ, विन्द-अनुविन्द, केकयराजकुमार, काम्बोजराज सुदक्षिण, कलिंगराज श्रुतायुध, राजा जयत्सेन, कोसलनरेश बृहद्बल तथा भोजवंशी कृतवर्मा- ये दस नर सिंह, वीर क्षत्रिय, प्रत्येक अक्षौहिणी सेना का नायक था। उसकी भुजाएँ छल्लों की तरह मोटी लग रही थीं। उन सभी ने बड़े-बड़े यज्ञ किये थे और उनमें प्रचुर दक्षिणा दी थी। 15-17 | mahabharat अध्याय 6.16: दुर्योधनकी सेनाका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुबलपुत्र शकुनि, शल्य, सिन्धुनरेश जयद्रथ, विन्द-अनुविन्द, केकयराजकुमार, काम्बोजराज सुदक्षिण, कलिंगराज श्रुतायुध, राजा जयत्सेन, कोसलनरेश बृहद्बल तथा भोजवंशी कृतवर्मा- ये दस नर सिंह, वीर क्षत्रिय, प्रत्येक अक्षौहिणी सेना का नायक था। उसकी भुजाएँ छल्लों की तरह मोटी लग रही थीं। उन सभी ने बड़े-बड़े यज्ञ किये थे और उनमें प्रचुर दक्षिणा दी थी। 15-17
Subalputra Shakuni, Shalya, Sindhuneresh Jayadrath, Vind-Anuvind, Kekayrajkumar, Kambojraj Sudakshin, Kalingaraj Shrutayudh, King Jayatsen, Kosalan King Brihadbal and Bhojvanshi Kritavarma - these ten male lions, brave Kshatriyas, each one was the leader of Akshauhini's army. His arms looked as thick as rings. All of them had performed big yagyas and given abundant dakshina in them. 15-17
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥