Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.15.4: पाण्डव आप लोगों द्वारा किए गए अपमान और छल-कपट से भली-भाँति परिचित थे, तथापि आपकी ओर देखकर और यह आशा करके कि आप उनके साथ न्याय करेंगे, वे अपने मन्त्रियों सहित दीर्घकाल तक वन में कष्ट सहते हुए और सब कुछ सहते हुए रहे॥4॥ | mahabharat अध्याय 6.15: संजयका युद्धके वृत्तान्तका वर्णन आरम्भ करना—दुर्योधनका दु:शासनको भीष्मकी रक्षाके लिये समुचित व्यवस्था करनेका आदेश । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डव आप लोगों द्वारा किए गए अपमान और छल-कपट से भली-भाँति परिचित थे, तथापि आपकी ओर देखकर और यह आशा करके कि आप उनके साथ न्याय करेंगे, वे अपने मन्त्रियों सहित दीर्घकाल तक वन में कष्ट सहते हुए और सब कुछ सहते हुए रहे॥4॥
The Pandavas were well aware of the insults and deceitful behavior shown towards them by you all. However, just by looking at you and hoping that you would treat them justly, they lived in the forest for a long time along with their ministers, suffering pain and enduring everything. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥