vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 15: संजयका युद्धके वृत्तान्तका वर्णन आरम्भ करना—दुर्योधनका दु:शासनको भीष्मकी रक्षाके लिये समुचित व्यवस्था करनेका आदेश
»
श्लोक 16
श्लोक
6.15.16
तस्माद् भीष्मो रक्षितव्यो विशेषेणेति मे मति:।
शिखण्डिनो वधे यत्ता: सर्वे तिष्ठन्तु मामका:॥ १६॥
अनुवाद
अतः मैं सोचता हूँ कि इस समय हमें भीष्मजी की रक्षा में विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। मेरे सभी सैनिकों को शिखण्डी को मारने का प्रयत्न करना चाहिए॥16॥
‘Therefore I think that at this time we should be especially alert in protecting Bhishmaji. All my soldiers should try to kill Shikhandi.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×