श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 15: संजयका युद्धके वृत्तान्तका वर्णन आरम्भ करना—दुर्योधनका दु:शासनको भीष्मकी रक्षाके लिये समुचित व्यवस्था करनेका आदेश  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.15.11 
तेष्वनीकेषु यत्तेषु व्यूढेषु च विधानत:।
दुर्योधनो महाराज दु:शासनमथाब्रवीत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब सब सेनाएँ शास्त्रविधि के अनुसार अपनी-अपनी स्थिति में युद्ध के लिए तैयार हो गईं, तब दुर्योधन ने दु:शासन से कहा-॥11॥
 
Maharaj! When all the armies were ready for the war in their respective positions in accordance with the scriptures, then Duryodhana said to Dushasan -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)