कथं वा निहतो भीष्म: पिता संजय मे परै:।
दुर्योधनश्च कर्णश्च शकुनिश्चापि सौबल:॥ ६९॥
दु:शासनश्च कितवो हते भीष्मे किमब्रुवन्।
अनुवाद
संजय! शत्रुओं ने मेरे पूज्य पिता भीष्म को किस प्रकार मार डाला? भीष्म के मारे जाने पर दुर्योधन, कर्ण, दु:शासन और सुबलपुत्र जुआरी शकुनि ने क्या कहा?॥69 1/2॥
Sanjaya! How did the enemies kill my respected father Bhishma? What did Duryodhan, Karna, Dushasan and the gambler Shakuni, son of Subala, say after Bhishma was killed?॥ 69 1/2॥