Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.14.65-67h: अथवा हम भी उन महायोद्धा भीष्म को मारकर राज्य लेना चाहते हैं। क्षत्रिय धर्म में दृढ़ रहने वाले मेरे पुत्रों कुन्तीकुमारों का इसमें कोई दोष नहीं है। संजय! कठिन विपत्ति के समय महापुरुष को वही करना चाहिए जो भीष्मजी ने किया, अर्थात् अपनी सामर्थ्य के अनुसार अधिकाधिक पराक्रम दिखाना चाहिए। भीष्मजी में यह गुण पूर्णतः प्रतिष्ठित था। 65-66 1/2।   |   mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 65-67h
 
 
श्लोक  6.14.65-67h 
वयं वा राज्यमिच्छामो घातयित्वा महाव्रतम्॥ ६५॥
क्षत्रधर्मे स्थिता: पार्था नापराध्यन्ति पुत्रका:।
एतदार्येण कर्तव्यं कृच्छ्रास्वापत्सु संजय॥ ६६॥
पराक्रम: परं शक्त्या तत् तु तस्मिन् प्रतिष्ठितम्।
 
 
अनुवाद
अथवा हम भी उन महायोद्धा भीष्म को मारकर राज्य लेना चाहते हैं। क्षत्रिय धर्म में दृढ़ रहने वाले मेरे पुत्रों कुन्तीकुमारों का इसमें कोई दोष नहीं है। संजय! कठिन विपत्ति के समय महापुरुष को वही करना चाहिए जो भीष्मजी ने किया, अर्थात् अपनी सामर्थ्य के अनुसार अधिकाधिक पराक्रम दिखाना चाहिए। भीष्मजी में यह गुण पूर्णतः प्रतिष्ठित था। 65-66 1/2।
 
Or we also want to take the kingdom by killing that great warrior Bhishma. There is no fault of my children Kuntikumars who are steadfast in the dharma of Kshatriyas. Sanjay! In times of difficult adversity, a great man should do what Bhishmaji did, that is, he should show maximum bravery according to his ability. This quality was fully established in Bhishmaji. 65-66 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)