श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  6.14.62-63h 
यदाऽऽदित्यमिवापश्यत् पतितं भुवि संजय॥ ६२॥
दुर्योधन: शान्तनवं किं तदा प्रत्यपद्यत।
 
 
अनुवाद
संजय! जब दुर्योधन ने शान्तनुपुत्र भीष्म को अस्त होते सूर्य के समान भूमि पर लेटे हुए देखा, तब उसने क्या सोचा?॥62 1/2॥
 
Sanjay! When Duryodhana saw Shantanu's son Bhishma lying on the ground like the setting sun, what did he think?॥ 62 1/2॥
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