Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.14.49-50h: शत्रुओं का संहार करने वाले तथा समस्त क्षत्रियों द्वारा न मारे जा सकने वाले पराक्रमी परशुरामजी, जिन्होंने अनेक बार युद्ध में समस्त क्षत्रियों को परास्त किया था, वे आज शिखण्डी के हाथ से परम बुद्धिमान भीष्म के हाथों मारे गए ॥49 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असकृत् क्षत्रियव्राता: संख्ये येन विनिर्जिता:।
जामदग्न्येन वीरेण परवीरनिघातिना॥ ४९॥
न हतो यो महाबुद्धि: स हतोऽद्य शिखण्डिना।
अनुवाद
शत्रुओं का संहार करने वाले तथा समस्त क्षत्रियों द्वारा न मारे जा सकने वाले पराक्रमी परशुरामजी, जिन्होंने अनेक बार युद्ध में समस्त क्षत्रियों को परास्त किया था, वे आज शिखण्डी के हाथ से परम बुद्धिमान भीष्म के हाथों मारे गए ॥49 1/2॥
The valiant Parshuram, who killed the enemies and who could not be killed by all the Kshatriyas, who had defeated all the Kshatriyas in battle many times, was killed today by the hands of Shikhandi, the most intelligent Bhishma. 49 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥