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श्लोक  6.14.46 
धर्मादधर्मो बलवान् सम्प्राप्त इति मे मति:।
यत्र वृद्धं गुरुं हत्वा राज्यमिच्छन्ति पाण्डवा:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
आज मुझे निश्चित रूप से ज्ञात हो गया है कि अधर्म, धर्म से अधिक शक्तिशाली है; क्योंकि पाण्डव अपने वृद्ध गुरुओं को मारकर राज्य हड़पना चाहते हैं।
 
Today I have definitely come to know that adharma (unrighteousness) is more powerful than dharma; because the Pandavas want to take over the kingdom by killing their old teachers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)