Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.14.4: संजय! तुम कह रहे हो कि अजेय वीर सिंह, कुरुवंश के रत्न भीष्मजी मारे गए हैं - यह सुनकर मेरे हृदय में बड़ी पीड़ा हो रही है॥4॥   |   mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.14.4 
आर्तिं परामाविशति मन: शंससि मे हतम्।
कुरूणामृषभं वीरमकम्पं पुरुषर्षभम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
संजय! तुम कह रहे हो कि अजेय वीर सिंह, कुरुवंश के रत्न भीष्मजी मारे गए हैं - यह सुनकर मेरे हृदय में बड़ी पीड़ा हो रही है॥4॥
 
Sanjay! You are saying that the unstoppable heroic lion, the jewel of the Kuru clan, Bhishmaji has been killed - my heart is in great pain on hearing this. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)