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mahabharat 6.14.39: संजय! भीष्मजी सम्पूर्ण लोकों के रचयिता ब्रह्माजी के समान अजेय थे; फिर पाण्डव उन पर आक्रमण कैसे कर सकते थे?   |   mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.14.39 
सर्वलोकेश्वरस्येव परमेष्ठिप्रजापते:।
कथं प्रहर्तुमपि ते शेकु: संजय पाण्डवा:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
संजय! भीष्मजी सम्पूर्ण लोकों के रचयिता ब्रह्माजी के समान अजेय थे; फिर पाण्डव उन पर आक्रमण कैसे कर सकते थे?
 
Sanjay! Bhishmaji was invincible like Lord Brahma, the supreme creator of all the worlds; Then how could the Pandavas attack them? 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)