श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.14.36 
वामे चक्रे वर्तमाना: केऽघ्नन् संजय सृंजयान्।
अग्रतोऽग्रॺमनीकेषु केऽभ्यरक्षन् दुरासदम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
संजय! कौन-कौन योद्धा उनके वाम चक्र की रक्षा के लिए तत्पर थे और उन्होंने संजयों का नाश किया था? और वे कौन थे जिन्होंने आगे रहकर सेनापति अजेय योद्धा भीष्म की सब ओर से रक्षा की थी?॥ 36॥
 
Sanjaya! Which warriors were ready to protect his left discus and destroyed the Sanjayas? And who were the ones who stayed ahead and protected the leader of the army, the invincible warrior Bhishma, from all sides?॥ 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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