श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.14.35 
के पुरस्तादवर्तन्त रक्षन्तो भीष्ममन्तिके।
केऽरक्षन्नुत्तरं चक्रं वीरा वीरस्य युध्यत:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
भीष्म के आगे कौन-कौन योद्धा खड़े होकर उनकी रक्षा कर रहे थे और युद्ध में लगे हुए वीर भीष्म के बाएँ चक्र की रक्षा कौन-कौन योद्धा कर रहे थे?॥35॥
 
Which warriors stood in front of Bhishma, protecting him closely? And which warriors protected the left wheel of the valiant Bhishma while he was engaged in the battle?॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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