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श्लोक  6.14.32 
विदह्यमानं कोपेन तेजसा च परंतपम्।
वेलेव मकरावासं के वीरा: पर्यवारयन्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
क्रोध और तेज से प्रज्वलित होकर शत्रुओं को पीड़ा देने वाले भीष्म को आगे बढ़ने से किस वीर योद्धा ने रोका था, जैसे समुद्र को तट रोक देता है?
 
Burned and blazing with his anger and brilliance, which heroic warrior had stopped Bhishma, the tormentor of enemies, from advancing just as the shore stops the ocean?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)