Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.14.31: भीष्म पितामह शत्रुओं के हाथियों, घोड़ों, पैदल सैनिकों और असंख्य रथों को शीघ्रता से उस समुद्र में डुबो रहे थे। वे ही युद्धभूमि में शत्रु योद्धाओं के प्राण हर रहे थे। | mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म पितामह शत्रुओं के हाथियों, घोड़ों, पैदल सैनिकों और असंख्य रथों को शीघ्रता से उस समुद्र में डुबो रहे थे। वे ही युद्धभूमि में शत्रु योद्धाओं के प्राण हर रहे थे।
Bhishma was rapidly drowning the enemy's elephants, horses, infantry and numerous chariots in that sea. He was the one who took away the lives of the enemy warriors on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥