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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना
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श्लोक 19
श्लोक
6.14.19
कृपे संनिहिते तत्र भरद्वाजात्मजे तथा।
भीष्म: प्रहरतां श्रेष्ठ: कथं स निधनं गत:॥ १९॥
अनुवाद
उस युद्ध में कृपाचार्य और भारद्वाजपुत्र द्रोणाचार्य दोनों ही उसके निकट थे, फिर भी योद्धाओं में श्रेष्ठ भीष्म कैसे मारे गए ?॥ 19॥
In that war both Krupacharya and Bharadwaj's son Dronacharya were near him, yet how was Bhishma, the best of warriors, killed?॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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