श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.14.18 
कथं भीष्मेण संग्रामं प्राकुर्वन् पाण्डुनन्दना:।
कथं च नाजयद् भीष्मो द्रोणे जीवति संजय॥ १८॥
 
 
अनुवाद
संजय! पाण्डवों ने भीष्म के साथ युद्ध कैसे किया? द्रोणाचार्य के जीवित रहते भीष्म कैसे विजयी नहीं हो सकते थे?॥18॥
 
Sanjay! How did the Pandavas fight with Bhishma? How could Bhishma not be victorious while Dronacharya was alive?॥18॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas