श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.14.17 
कथं शान्तनवं दृष्ट्वा पाण्डवानामनीकिनी।
प्रहर्तुमशकत् तत्र भीष्मं भीमपराक्रमम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
शान्तनुपुत्र भीष्म बड़े भयंकर योद्धा थे। उन्हें सामने देखकर पाण्डव सेना उन पर आक्रमण कैसे कर सकती थी? ॥17॥
 
Shantanu's son Bhishma was a very fearsome warrior. How could the Pandava army attack him when they saw him in front of them? ॥17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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