श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 13: संजयका युद्धभूमिसे लौटकर धृतराष्ट्रको भीष्मकी मृत्युका समाचार सुनाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.13.4 
ककुदं सर्वयोधानां धाम सर्वधनुष्मताम्।
शरतल्पगत: सोऽद्य शेते कुरुपितामह:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
कुरुवंश के पितामह भीष्म, जो समस्त योद्धाओं के ध्वजवाहक और समस्त धनुर्धरों के आधार थे, आज बाणों की शय्या पर सो रहे हैं ॥4॥
 
Bhishma, the grandfather of the Kuru clan, who was the flag bearer of all warriors and the support of all archers, is today sleeping on a bed of arrows. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)