Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.13.3: संजय ने कहा- महाराज! भरतश्रेष्ठ! आपको नमस्कार है। मैं संजय आपकी सेवा में उपस्थित हूँ। भरतवंशी पितामह और महाराज शान्तनु के पुत्र भीष्मजी आज युद्ध में मारे गए।   |   mahabharat अध्याय 6.13: संजयका युद्धभूमिसे लौटकर धृतराष्ट्रको भीष्मकी मृत्युका समाचार सुनाना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 13: संजयका युद्धभूमिसे लौटकर धृतराष्ट्रको भीष्मकी मृत्युका समाचार सुनाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.13.3 
संजय उवाच
संजयोऽहं महाराज नमस्ते भरतर्षभ।
हतो भीष्म: शान्तनवो भरतानां पितामह:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- महाराज! भरतश्रेष्ठ! आपको नमस्कार है। मैं संजय आपकी सेवा में उपस्थित हूँ। भरतवंशी पितामह और महाराज शान्तनु के पुत्र भीष्मजी आज युद्ध में मारे गए।
 
Sanjay said- Maharaj! Bharatshrestha! Greetings to you. I Sanjay am present at your service. Bhishmaji, the grandfather of Bharatvanshi and son of Maharaja Shantanu, was killed in the battle today. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)