Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.122.3: उस समय उन्होंने देखा कि महात्मा भीष्म बाणों की शय्या पर सो रहे हैं, जैसे पराक्रमी भगवान कार्तिकेय अपने जन्म के समय बाणों की शय्या (सरकण्डों की शय्या) पर सोये थे। | mahabharat अध्याय 6.122: भीष्म और कर्णका रहस्यमय संवाद । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स ददर्श महात्मानं शरतल्पगतं तदा।
जन्मशय्यागतं वीरं कार्तिकेयमिव प्रभुम्॥ ३॥
अनुवाद
उस समय उन्होंने देखा कि महात्मा भीष्म बाणों की शय्या पर सो रहे हैं, जैसे पराक्रमी भगवान कार्तिकेय अपने जन्म के समय बाणों की शय्या (सरकण्डों की शय्या) पर सोये थे।
At that time he saw that Mahatma Bhishma was sleeping on a bed of arrows, just as the valiant Lord Kartikeya had slept on a bed of arrows (a bed of reeds) at the time of his birth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥