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mahabharat 6.122.14: मैं जानता हूँ कि युद्धस्थल में शत्रुओं के लिए आपका पराक्रम असह्य है। आप ब्राह्मणभक्त, पराक्रमी योद्धा और दान में बड़ी श्रद्धा रखने वाले हैं॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 6.122: भीष्म और कर्णका रहस्यमय संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.122.14 
जानामि समरे वीर्यं शत्रुभिर्दु:सहं भुवि।
ब्रह्मण्यतां च शौर्यं च दाने च परमां स्थितिम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
मैं जानता हूँ कि युद्धस्थल में शत्रुओं के लिए आपका पराक्रम असह्य है। आप ब्राह्मणभक्त, पराक्रमी योद्धा और दान में बड़ी श्रद्धा रखने वाले हैं॥ 14॥
 
I know that your valour is unbearable for the enemies in the battlefield. You are a devotee of Brahmins, a valiant warrior and have great devotion towards charity.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)